Vijay Kumar
-
साहित्य
वह लड़की ‘
वह लड़कीजो रहती तुम्हारे अंदरसर झुकाए,दबी दबी सी,बंधी, कैद, समाज केरीति-रिवाज में,आने दो उसे बाहर,उम्र को धता बता कर—–बीता अरसानिभाती…
Read More » -
साहित्य
विषय मन की बाते मन ही जाने
विचित्र है ये बेजुबान मन,सब कुछ सुनने,समझने में प्रवण।आंखों से है दोस्ती इसकी,इसके अंदर के भावों को,ये ही समझा सकता…
Read More » -
साहित्य
विवाह- एक सौदेबाजी
दिल्ली में एक जाने-माने चिकित्सक डॉ. अरोरा रहते थे। ईमानदारी ही उनकी पहचान थी। उनके घर में पत्नी, बेटा नमन…
Read More » -
साहित्य
गर्भाधान संस्कार
विवाहोपरांत आरंभ हो, जीवन का नव गीत,ऋषि-मुनियों ने कहा इसे, सृष्टि हेतु प्रवीत।सोलह संस्कारों में यह, पहला पावन मान,गर्भाधान से…
Read More » -
साहित्य
एक पुरानी तस्वीर
इक धुंधली सी तस्वीर है,यादों की गहराइयों में कहीं.रंग फीके पड़ गए हैं अब,पर दर्द नया सा लगता यहीं.पलकों पे…
Read More » -
साहित्य
शिव के प्रति पार्वती का प्रेम
हे गौरी शंकर अर्धांगिनी,यथा त्वम शंकर प्रिया,तथा माम कुरु कल्याणी,कांत कांतम सुदुर्लभम ॥ शिव के प्रति पार्वती का प्रेम,उनकी भूल…
Read More » -
साहित्य
वो बालक नरेन्द्र
वडनगर की मिट्टी में गूँजी एक पुकार,गरीबी के आँगन में जन्मा था सितार।दामोदरदास के आँगन का वो लाल,माँ हीराबेन की…
Read More » -
साहित्य
सपनों का शहर
नई उमंगे लेकर निकले हम तुमअपनी नई दुनिया बसाने को दिल के बस्ते में रखा था हमनेढेर सारा प्यार नए…
Read More » -
साहित्य
मैं तुलसी माता हूं
जी हां ,मैं तुलसी माता हूंसबके घर -आंगन की शोभा हूंअसीम सुख और समृद्धि का आशीष देती हूंजिस घर में…
Read More » -
साहित्य
मतदान एक महापर्व हमारा अधिकार एवं कर्तव्य
“आओ मतदान को राष्ट्रीय पर्व बनाएंआओ चलें बूथ पर हम सबलोकतंत्र के सजग प्रहरी बनकरजिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं”मतदान हमारा…
Read More »









