Vijay Kumar
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साहित्य
आई दिवाली रे (दीपों का त्योहार)
आए दिन उत्सवों का,दीपों का, फुलझड़ियों का,बम पटाखों की गूँज में —दीप जलाओ, दीप जलाओ,दीप जलाओ रे!मिलजुल सब दीप जलाओ,दीप…
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शुभ दिवाली
मौसम भी करवट बदल रहा है,सर्द ऋतु का आगमन हो रहा है,दिवाली का शुभ दिन आ रहा है। खेतों ने…
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साहित्य
यमदियरी
आईं छोटकी दिवाली मनावे चलीं ना ।अपना घरवा से यम निकाले चलीं ना -२साल भर पर आईल दिवाली के परब…
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साहित्य
देनदारियाँ
आज पुरानी यादों को,यादों में ढूंढ रहा था —यादों में अपने कर्मों को कुरेद रहा था।कुछ अपने, कुछ ग़ैरों की…
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साहित्य
रूप का दीप
कार्तिक मास की चौदस आई,रूप का पर्व सुहाना लाई,बनी है दुल्हन छोटी दिवाली,तिल का तेल और उबटन लगाई, नरक का…
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साहित्य
मां और मेरी दिवाली
यादों का सुहाना सफर मां का दिवाली पर सजना सजाना ,याद बहुत आता है वो वक्त बेगाना। माँ का दौड़-दौड़…
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साहित्य
पंचदिवसीय दीपावली
१. धनतेरसधनतेरस का शुभ दिन आया, मंगल दीप जलाएँ,स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि के, गीत सभी गाएँ।धनतेरस का दिन देता हमें,…
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साहित्य
धनतेरस
धनतेरस की पावन बेला से,शुरू हुआ दीपों का त्यौहार।दीपों से सजने लगे हर द्वार,सुख समृद्धि का हो जीवन में संचार।।…
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साहित्य
धनतेरस
कार्तिक कृष्ण पक्ष की तेरस,तिथि अमूल्य सब जानें हैं।प्रकटे जलनिधि से धन्वन्तरि,सुधा कलस, सब मानें हैं।। वेदों और पुराणों में,इसका…
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साहित्य
फ़ेंक दी कलम
फ़ेंक दी कलम — मैंने दमन कर दिया अरमानों को।वैसे भी कलम में धार बहुत थी;कुछ भी लिखता था, किसी…
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