Vijay Kumar
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साहित्य
हे विष्णु प्रिये
हे विष्णु प्रिये मां जग जननी,जग पालिनि भव भय हारिणि हे!स्वीकार करो विनती मेरी,पय-निधि के लहर विहारिणि हे!! गाऊं यश…
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साहित्य
अंतस्तल में दीप जलाएं
ज्योति जलाएं प्रज्ञा का, फिरउपवन सा घर-बार सजाएं !खुशियों की सौगात बांटकर ,हम-सब दीपावली मनाएं !! दिवाली में अबकी हम-सब…
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साहित्य
ख़फ़ा रहता हूँ,
आजकल मैं खुद से ही ख़फ़ा रहता हूँ,न जाने क्यों खुद पर ही उखड़ा रहता हूँ। बहुत मशहूर कर दिया…
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साहित्य
दीवाली आई दीवाली आई
दीवाली आई दीवाली आईसाथ में अपने खुशियां लाई रोशनी का ये सुंदर त्यौहारसब जगह सज रहा बाजार खील ,बताशे, और…
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साहित्य
दीपोत्सव की शुभकामनाएं
दीप जले मन के भीतर, मिटे अंधकार सारा,प्यार, दया, सच्चाई से, भर जाए हृदय हमारा।आओ मिलकर दीप जलाएँ, खुशियों की…
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साहित्य
जग में प्यारा है एक नामजय श्री राम
जय श्री राम जय श्री राम अयोध्या के राजा जय श्रीराम, जय श्री राम जय श्री राम पतित पावन जय…
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साहित्य
दियरी के परब
आईल बाटे दियरी के परब ,लक्ष्मी गणेश के घरे बोलाईं ।आपन राग द्वेष सब दूर कके ,अंहरिया में ॲंजोरिया मॅंगाईं…
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साहित्य
मटका
धूप कड़ी हो, लू चलती हो,जब नभ से बरसें अंगारे,तब तन–मन को शीतल करतामटका जल के मधुर सहारे। माटी की…
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साहित्य
एक दीया वीर शहीदों के नाम
एक दीया वीर शहीदों के नाम जो शहीद हुए भारत भूमि के नामएक दीया उन परिवारों के नाम चला गया…
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साहित्य
खुशियां मनाओ रंगोली सजाओ
प्यारी दीपावली का प्यारा त्यौहार आया है,ऐ! बहना खुशियां मनाओ रंगोली सजाओ। सब मिलकर आ जाओ बहना ओर भाई,करो साफ-सफाई…
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