Vijay Kumar
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साहित्य
कविता
उजियारा करना हर तिमिर का,अमावस चाहे घोर हो काली,अंधेरों से उजियारे को बढ़ना,लगे कि मनाने चले दीवाली।। उस घर की…
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साहित्य
एक सवाल
घिरती जा रही है सांझ,और मैं देखती हूं, सामनेघिरते अंधियारे को,पीछे छूटते जा रहे,हंसी आनंद और उजियारे को।घिरता जा रहा…
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साहित्य
वन संरक्षण
कितनी अनमोल है,पेड़ पौधों की ये गूंज।जिम्मेदारी समझो अपनी,आँखें न मूंद।पेड़ लगाओ,पेड़ बचाओ,यूं न कटाओ,यूं न हटाओ।पेड़ पौधों की ये…
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साहित्य
काव्य – सज गया बाजार
आया दिवाली का त्यौहार , नगर – नगर शहर – शहर सज गए बाजार । दिख रही पटाखे की लड़ियों…
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साहित्य
ॲंधेरे का दूसरा नाम
ॲंधेरे का ही दूसरा नाम रात है ,दर्शन का दूसरा नाम मुलाकात है ।जितने भी साबित हो जाऍं दोषी ,उनके…
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साहित्य
कविता
मिठाई की सीख हम लोग दिवाली में, एक दूसरे को मिठाइयाँ देंगे। मिठाइयों से भी सीख सकते हो, रस गुल्ला…
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साहित्य
देश की 6 विभूतियों को भागीरथी हिन्दी विद्यापीठ की ओर से मानद उपाधिसाहित्यकारों, गीतकारों, चित्रकारों एवं संगीतकारों के लिए सुनहरा अवसर
हरिद्वार। साहित्य एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली छह विभूतियों — सीमा रहस्यमयी, अनुज कुमार तिवारी, प्रतिभा…
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साहित्य
दीपावली: अंधकार से प्रकाश की ओर
जग में फैला तम घना, मन भी भय में खोया,कितने सपने टूट गए, कितनों ने सुख संजोया।पर देखो आज का…
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साहित्य
भावपल्लवन
श्लोक:रागद्वेषवियुक्तैस्तु विषयानिन्द्रियैश्चरन्।आत्मवश्यैर्विधेयात्मा प्रसादमधिगच्छति।।— श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 2, श्लोक 64 भावार्थ : अपने अधीन किए हुए अन्तःकरण वाला साधक अपने वश में…
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साहित्य
दिवाली आई दिवाली आई,
दिवाली आई दिवाली आई,करो सफाई करो सफाई ।घर का एक कोना भी छूटे ना सफाई दौरान कांच कोईभी टूटेना ।घर…
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