Vijay Kumar
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धर्म
समाधि पाद सूत्र– १७. क
वितर्कविचारानन्दास्मिताऽनुगमात्सम्प्रज्ञातः । वितर्कविचारानन्दास्मितानुगमात्= वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता — इन चारों के सम्बन्ध से युक्त {चित्त वृत्ति का समाधान} सम्प्रज्ञात:=…
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साहित्य
वरिष्ठ जन: हमारे सम्बल
हमारी भारतीय सनातन परंपरा में बुजुर्गों और वरिष्ठ जनों का हमारे समाज में अति विशिष्ट व महत्वपूर्ण स्थान होता है।…
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साहित्य
सौ दिन पत्नी के एक दिन पति का
मेरे पिया तुम सदा मेरे हो बादशाह,सौ दिन पत्नी के,दिन एक पति का,कहानी यह पुरानी तू राजा दिल का। साजन…
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साहित्य
बहुत हो गई लुका छिपी
ओ मेरे प्यारे से चांदजल्दि से आ जाओ नाबहुत हो गई लूका छुपी ,अब तो समने आ जाओ नाबादल और…
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साहित्य
श्रेणी – कहानी
बहुत समय पहले की बात है, एक रंग-बिरंगे फूलों से भरे बगीचे में एक लाल गुलाब रहता था। उसकी पंखुड़ियाँ…
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साहित्य
बहुत हो गई लुका छिपी
ओ मेरे प्यारे से चांदजल्दि से आ जाओ नाबहुत हो गई लूका छुपी ,अब तो समने आ जाओ नाबादल और…
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साहित्य
चांद सजन सा
दो दो चांद सामने मेरे थेनिर्वाक सी खड़ी थी में।पूजा की थाली हाथों मेंस्पन्दित हृदय लिए थी मैं। निर्जीव सा…
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साहित्य
तुमसे है मेरा सौभाग्य
सिंदूर बिंदिया की चमक है तुमसे,चूड़ी की खनक तुम्ही से है।मंगलसूत्र की दमक है तुमसे,मेहंदी की लाली तुमसे है।। तुमसे…
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साहित्य
आज चंदा को छोड़ दो
आज चंदा को छोड़ दो, संदेश मेरा भी,थोड़ा देर से निकले, भेज दो तार मेरा भी।थोड़ा मैं भी तो समझ…
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साहित्य
करवा चौथ
करवा का व्रत मैं करूं,हर दुखों से तुम्हें दूर रखूं।खुशियों की बौछारें भरूं,पिया सदा संग तेरे रहूं।करवा चौथ का व्रत…
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