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एक दिन जाना है
एक दिन मौत को आनी है, आएगी,ये ज़िंदगी भी यूँ ही ढल जाएगी। आज जो हैं साथ, कल बिछड़ जाएंगे,हर…
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अधूरी मोहब्बत की याद
तेरी यादों को दिल से कहाँ मिटा पाएंगे,तू बुरा नहीं, ये हम खुद को समझाएंगे। सच है कि अब किसी…
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बढते कदम
बढते रहेंगे कदम मंज़िल की ओररास्ते मेंखुशियों को सांझा कर चलोबांटते चलो उन सभी कोजो चल रहेसद् नियत से नियति…
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गरीबी
एक टूटी सी खटिया पर, भूख सो जाती है अक्सर,माँ के आँचल में छुपकर, रोटी का सपना रोता है।बाप की…
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संस्कृत श्लोक।
विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिः तत्परता क्रिया ।यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते ।। भावार्थ : विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृतिशक्ति, तत्परता, और कार्यशीलता, ये…
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भगवान परशुराम महिमा से ऊर्जान्वित २४५वीं कल्पकथा काव्यगोष्ठी: शब्दों में साकार हुआ सनातन तेज।
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित, राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु…
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साहित्य मनीषियों के सम्मान को समर्पित रहे कल्प कथा मंजूषा, कल्प भेंटवार्ता कार्यक्रम।
स्नेहलता पाण्डेय स्नेह मंजूषा प्रशस्ति पत्रम, मणिका वर्मा कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की…
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राष्ट्रध्वज तिरंगा के गौरव गान से अनुप्राणित २४४वीं कल्पकथा साप्ताहिक काव्यगोष्ठी।
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु…
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सरदार पोस्ट शौर्य दिवस की वर्कषगांठ पर सजा कल्प भेंटवार्ता मंच।
स्वयं पर विश्वास रखिए, ईश्वर और ब्रह्माण्ड का आशीर्वाद का अनुभव कीजिए, और सदैव आगे बढ़ते रहिए। – डॉ ईशा…
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अंत या आरम्भ
बेटी मेरी लौटी है बहुत दिनों के बाद,सब कुछ जाना पहचाना है।पर कुछ अनजानी सी आश,यह घर तो मेरा था,संग…
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