Uncategorized
-
मातृ सा स्वर्ग नहीं
माॅं के चरण आचरण निहित ,माॅ का पल्लू जीवन छाया है ।माॅं के कर में कर्म यह निहित ,जिससे जन्म…
Read More » -
रंगों की ख़ामोशी
रंगों में ख़ुशबू भी होती है,चुपचाप गुफ़्तगू भी होती है। जो आँखें सुनना जानती हैं,उनके लिए हर छाया रू-ब-रू होती…
Read More » -
होली फाग गीत।।
होली आई रे, आई रे, देखो होली आई रे,,हो,, होली आई रे,, देखो ये कैसी धूम मचाई,बिरज में होली आई…
Read More » -
पंचविकार – (मान, काम, क्रोध, लोभ, मोह)
तन-मन की गहराई में उठती सूक्ष्म विकार की धार,मान, काम, क्रोध सहित लोभ-मोह बनें जीवन-भार।चित्त-भूमि पर छाया बनकर भीतर घर…
Read More » -
शौर्य दिवस – बालाकोट एयर स्ट्राइक की वर्षगांठ को समर्पित रहा कल्प भेंटवार्ता मंच।
पढ़ो समझो और गढ़ो, किसी अंधी दौड़ में मत पड़ो- सीमा शर्मा मंजरी। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की…
Read More » -
कविताएं
कविताएं हृदय में उठ रहे अंतरंग भावों की अभिव्यक्ति होती है ,,,,कविताएं सहज सरल स्वाभाविक प्रस्तुत होती हैं।कविता बनाना नहीं…
Read More » -
अंगूर खट्टे हैं (लघु कथा)
श्रावणी और पावनी दोनों एक ही स्कूल में पढ़ती थीं। स्कूल के प्रांगण में ही नृत्य की शिक्षिका दोनों को…
Read More » -
मोक्ष के पथिक
अंतिम स्थापना – पूर्ण उजाला और स्थायी संदेश“मोक्ष के पथिक” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक यात्रा है—भय से मुक्ति…
Read More » -
उसकी आँखों में
उसकी आँखों में अक्सर मैं खोजता हूँएक अधूरा-सा ख़्वाब,जो कभी मेरे नाम से शुरू हुआ थाऔर ख़ामोशी पर आकर ठहर…
Read More » -
स्नेह पर्व,
आज के परिवेश में सबसे बड़ा और आदर्श युगल प्रेमी, भगवान श्री राधे कृष्णा का स्वरूप है।जो शरीर से नहीं…
Read More »









