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लघु-कथा : तिलांजलि
सुबह का समय था। गंगा किनारे हल्की धुंध फैली हुई थी। तट पर घंटियों और शंख की ध्वनि गूँज रही…
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मकार
(स्वरचित कहानी) बहुत समय पहले गंगा नदी के किनारे एक सुंदर और शांत गाँव था। उस गाँव में एक संत…
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हरितालिका तीज
आया तीज का पावन त्यौहारघर घर फुलवा सजे,सजे बच्चे और नर नारमंदिर सजने लगे। मांग में अपने सिंदूर लगाना माथे मे…
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शूल बने हो जिस पथ के तुम
तुम धरो पाक का सलवार ,मैं राणा का ये तलवार धरूॅं ।तुम बनो पाक का ये चमचा ,मैं भारत में…
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यह जीवन एक कहानी है
यह जीवन एक कहानी है, मौजों की अजब रवानी है,दुनिया सपनों की सुहानी है,ठोकर किस्मत की खानी है,यह जीवन एक…
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गणपति ! स्नेह सुगंध भरो
जय गणेश गणपति स्वामी हेसब जन विघ्न हरोआया हूं मैं शरण तुम्हारेनिर्मल चित्त करोहे गणपति!स्नेह सुगंध भरो। चंचल मति यह…
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हरितालिका तीज (सुहागन)
कर सोलह श्रृंगार सुहागनचाल चले मतवारी।हरी हरी चूड़ियां पहने हाथों मेंझूमे हरितालिका तीज पर सब नारी। कुमकुम माथे पर औरमांग…
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समाधि पाद
सूत्र— ५ वृत्तय: पंचतय्यः क्लिष्टाऽक्लिष्टा: । {उपर्युक्त} क्लिष्टाऽक्लिष्टा:=क्लिष्ट और अक्लिष्ट {भेदोंवाली}; वृत्तयः= वृत्तियाँ; पञ्चतय्यः= पांच प्रकार की {होती हैं} ।…
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“कल्पकथा काव्यगोष्ठी” के नवीन शिल्पकार बनेराष्ट्रीय कवि नीरज कुमार “नीर”
उच्चस्तरीय हास्य और श्रृंगार सृजन की साक्षी बनी ,24 अगस्त दिन रविवार को कल्पकथा परिवार द्वारा आयोजित साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी…
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दर्शन
भगवत पूजन तुम करो ,तुम्हारी पूजन मैं करूॅं ।भगवत दर्शन हो तुम्हें ,तुम्हारा दर्शन मैं करूॅं ।।तुम जाओ नित्य मंदिर…
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