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मेरे पापा
मेरे पापा आपका वजूद मेरा सुकून है,आपका साथ एक खुशनुमा एहसास।आपकी खामोशी भी कहे बहुत कुछ,पापा आप मेरे लिए बहुत…
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जन गण मन जगे विवेक
गरिमा ए गणतंत्र पर,हमें गर्व है आज!चाय वाला बन गया,भारत का सरताज!! सच्चे अच्छों को चुने,हो नीयत जिनका नेक!इसे बचाना…
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‘साहित्य का विश्व रंग’ आयोजन सम्पन्न।
प्रवासी भारतीय, स्थानीय सभ्यता और संस्कृति को सामने लाएँ – संतोष चौबे विश्वरंग, हालैण्ड से साझा संसार फाऊण्डेशन, वनमाली सृजनपीठ,…
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ईशावस्योपनिषद् ।। श्लोक १५ ।।
सम्बन्ध— श्री परमेश्वर की उपासना करने वाले को परमेश्वर की प्राप्ति होती है, यह कहा गया । अतः भगवान के…
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बैंकॉक में चमके हिंदी के सितारे
हैदराबाद/तेलंगाना। भारत की सनातन चेतना, सौहार्द और मानवता की प्रतिनिधि संत परंपरा को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला एक…
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ईशावास्योपनिषद्- श्लोक १३
सम्बन्ध— शास्त्र के यथार्थ तात्पर्य को समझकर सम्भूत और असम्भूत की उपासना करने से जो सर्वोत्तम परिणाम होता है अभी…
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मेरा जन्म दिन , प्रकृति का वरदान
पाँच जून का पावन दिन, जब धरती लेती अंगड़ाई,मेरा भी जन्मोत्सव है, कैसी सुंदर घड़ी आई!विश्व मनाए पर्यावरण दिवस सँवारने…
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याचना
धरती करती यही पुकार,मत करो मुझ पर अत्याचार।विकास की अंधी दौड़ में,मत करो मेरा आवरण तार तार।। हरियाली है चूनर…
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ईशावास्योपनिषद ।। श्लोक १२ ।।
सम्बन्ध— अब अगले तीन मन्त्रों में असम्भूति और सम्भूति का तत्व बतलाया जाएगा ।इस प्रकरण में असम्भूति शब्द का अर्थ…
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साहित्य अर्थात सत्यम-शिवम-सुंदरम!
“साहित्य सरल हो सकता है,परंतु सस्ता या ओछा नहीं हो सकता।”- पी.यादव ‘ओज’ अनुभव की कूची से कल्पना के इंद्रधनुषी…
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