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आंसू और खामोशी
जीवन सुख दुख से भर पड़ा इससे सम्मुख करता हर दिनकुछ समय जीवन हंसता रहताऔर कुछ समय रोना पड़ जाताइसे मेरी…
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आज की पीढ़ी के सपने
शहर की जगमगाहट हो या गाँव की शांत पगडंडी,सपनों के आड़े अब आती नहीं कोई तंग पगडंडी।खड़े हैं ये तैयार,…
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हाँ, मुझे प्रेम है,
हाँ, मुझे प्रेम है,अपने वतन से,जहाँ रहता हूँ ,अफने बदन से, जो मेरे पास है,अपने माँ से जिसने जन्म दिया…
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उच्छल-तरंग
कर्मठता पूर्ण श्रम, भाग्य चले निभे कर्म।कर्मफल मिले न मिले भूल न स्व धर्म। अनादि-अनंत जग रचे जीवात्मा है अंश।ये…
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मोक्ष के पथिक – उत्सव और उन्नति
सामाजिक पुनर्निर्माणगाँव अब केवल भय और संघर्ष से मुक्त नहीं था,बल्कि सामाजिक रूप से भी सुदृढ़ हो गया था।गाँववालों ने…
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गाँव की सुबह
पूरब से झाँके लालिमा हल्की,ओस में भीगी धरती मुस्काए,टन-टन करती बैलों की घंटी,जैसे भोर स्वयं गुनगुनाए। पेड़ों पर बैठी चिड़ियाँ…
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बुझा दो शमां ग़ज़ल
बुझा दो शमां वो आए हम लाजवाब हो गएमहफिल में मेरी रौनक ए महताब हो गए रूह में उतर मिल…
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काठमांडू में जमुई की कवयित्री सोनी बरनवाल “कशिश” ‘मातृभाषा रत्न’ से सम्मानित
काठमांडू/नेपाल: बिहार के जमुई जिले की साहित्यकार और कार्यकारिणी सदस्य सोनी बरनवाल “कशिश”को नेपाल की राजधानी काठमांडू में ‘मातृभाषा रत्न…
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मूल्य
जीवन का सच्चा धन है मूल्य,इनसे ही जग में बढ़ता कुल।सत्य, दया और प्रेम के रंग,भरते मन में मधुर तरंग।…
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सोच पब्लिकेशन हाउस के ‘क्रिएशन की स्प्रिंट्स’ ने आयोजित किया अनोखा ‘वैलेंटाइन चैलेंज’
साहित्यिक प्रेम और रचनात्मकता का हुआ अनूठा संगम; फाउंडर सुरंगमा के नेतृत्व में लेखकों ने बिखेरा जलवा।साहित्य और लेखन के…
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