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  • आदित्य तुम नीरस लगते हो

    हर कविता रचना के साथकवि को तस्वीर बदलना है,हर खासो आम अवसर परअपना परिधान बदलना है। लोग कहते हैं कि…

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  • जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें।

    दलालों के बस्ती में बिकता तो हर इंसान है साहेब लेकिन बिकता तो वही है जो बेचता अपना इमान है…

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  • जिंदगी हसीं थी

    जिंदगी हसीं थीतुम नाज़नीं थीएक हसीं तुम्हारी जानलेवा थीशहर की दिलकश सुकुनी एक हवा थीलहराती ज़ुल्फ़ों के सायें तले तेरा…

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  • बाप की दुआ

    अपने पापा के लिए रुक के दुआ करता हूँ,देखता हूँ मैं जहाँ कोई खिलौने वाला।सोचता हूँ बचपन में जो मांग…

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  • आहट° ° ° ° ° °

    अब मिथ्या व्यवहार का हो चला है बोलबालामिथ्याचार जिस ने न सीखाधक्के खाए नित्य… जग में रह जाए अकेला।सत्य व्यवहार…

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  • गीत

    मोहन ले चल नदियां पार।पाए अब जीवन का सार।।पढ़ले प्रेम के ढाई अक्षर,खुल जाएं आनंद का द्वार।। साथ तेरा सुंदर…

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  • गीत – केवट की विनती

    मुखड़ामेरी छोटी सी है नाव, तेरे धूल भरे हैं पाँव,कैसे बिठाऊँ तुझे नाव में, मुझे डर लागे… गंगा की गहरी…

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  • प्यार क्या है

    तुम्हारे प्यार में पागल न मुझको कुछ भी अब भाताकहीं जाकर भी छिप जाऊं तेरा चेहरा नजर आताधरा से लेकर…

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  • भाउक छड़

    विषय- वो आखरी मुलाकातविधा- कविता उस दिन…साथ थे तुम हमारे,दिल में कुछ अधूरे लिए हुए सपने ,सोचा फिर कभी पूरे…

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  • चिंतन प्रसंग

    तथाकथित नकली साधुओं एवं असंयमित कथावाचकों ने साधु एवं कथावाचकों के वेष को बदनाम करने का काम किया है। अब…

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