
महालक्ष्मी छंद आधारित
मापनी – २१२ २१२ २१२
समांत – आने | पदांत – लगे
श्याम की धुन सुनाने लगे,
भक्त मन को रिझाने लगे।
मोरपंखी मुकुट की छटा,
नैन सबके लुभाने लगे।
बाँसुरी की मधुर तान से,
प्रेम उर में जगाने लगे।
नाम गोविंद का ले सभी,
दुख हृदय के मिटाने लगे।
राधिका संग ब्रज में हरी,
रास मधुबन सजाने लगे।
कृष्ण की है सुमन पर कृपा,
गीत मन मीत गाने लगे।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार













