Uncategorized
Trending

प्यार क्या है

तुम्हारे प्यार में पागल न मुझको कुछ भी अब भाता
कहीं जाकर भी छिप जाऊं तेरा चेहरा नजर आता
धरा से लेकर अंबर तक, बस तू ही तू नज़र आता,
हर धड़कन की सरगम में, तेरा ही नाम सुन पाता
।।
नदी की शांत लहरों में, तेरा ही अक्स मुस्काता,
खिले फूलों की खुशबू में, तेरा एहसास जग जाता।
हो चाहे दूरियाँ कितनी, मन तुझ तक दौड़ा जाता,
तू ही चाहत इबादत तू खुदा तुझ में नजर आता।।

पुष्पा पाठक छतरपुर मध्य प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *