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राज के नीचे दबी आख़िरी चिंगारी
रात बहुत गहरी थी—इतनी कि अँधेरा भी अपने ही भार से काँप रहा था।हवा में ठंड नहीं थी,बल्कि एक अजीब-सी…
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परीक्षा में डर क्यों?
(प्रेरणादायक कविता)परीक्षा में डर क्यों लगता है,जब ज्ञान तुम्हारे संग चलता है।मेहनत की ज्योति जलाकर देखो,अंधेरा खुद ही हटता है।कलम…
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एक हौसला आशा की एक नई किरण
यह कहानी पूर्णतया सच्ची कहानी है।किसी अन्य कहानी इसका कोई लेना-देना नहीं है।काल्पनिकता से दूर एक सच्ची और जीती-जागती मिसाल…
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वंदे मातरम्
वंदे मातरम् राष्ट्र मीत है ,वंदे मातरम् राष्ट्र गीत है ,राष्ट्रगीत विलग न राष्ट्र से ,वंदे मातरम् राष्ट्र प्रीत है…
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ज़िंदगी का नाम चलते चलो
जिन्दगी चलायमान हैरुकना नहीं इसका काम है गतिशीलता ही जिन्दगी का पर्याय हैनित नये परिवर्तन ज़िंदगी के नये अध्याय है…
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महान कवि एवं कहानीकार जयशंकर प्रसाद
जयशंकर प्रसाद हिंदी कवि, नाटककार, कहानीकार तथा निबंध लेखक थे। वे हिंदी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में…
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बहन कंचनबाई को नमन।।
मध्यप्रदेश के नीमच जिले में,रानपुर गाँव के आंगनबाडी़ में।एक घटना बहुत विकराल हुई,मधुमक्खियाँ हमले को उद्यत हुई।। मन्नू अचानक यह…
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समाधि पाद -सूत्र-३तदा द्रष्टुः स्वरूपेऽवस्थानम् ।
तदा= उस समय; द्रष्टुः= द्रष्टा की; स्वरूपे= अपने रूप में अवस्थानम्= स्थिति हो जाती है । अनुवाद— उस समय दृष्टा…
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समाधि पाद – सूत्र- २योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः
चित्त की वृत्तियों का निरोध {सर्वथा रुक जाना} योगः= योग है ।अनुवाद— चित्त की वृत्तियों का सर्वथा रुक जाना {निरोध}…
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संकेत साहित्य मंच में गंगांजलि साझा काव्य संग्रह का लोकार्पण
बिलासपुर - संकेत साहित्य संस्था बिलासपुर छत्तीसगढ़ द्वारा दिनांक 06.02.2026 को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी में…
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