
विषय- माता- पिता
विधा – कविता
माँ की ममता की छाँव में,
जीवन मेरा धन्य हो जाता है l
तेरे ही आँचल की छाँव में,
हर दुख मेरा मिट जाता है ll
इसीलिए तो मैं कहता हूँ,
माता- पिता मेरा संसार है l
मेरी जीत की प्रथम गुरु माँ है,
मेरे हर मांग का मरहम पिता है l
मुझे दुनिया में लाया है माँ- पिता जी ने,
मेरा असली भगवान ही माँ- पिता जी है ll
इसीलिए तो मैं कहता हूँ,
माता- पिता मेरा संसार है l
माँ है तो सब कुछ है,
पिता बिन सब कुछ शून्य है l
माँ- पिता के चरणों में भगवान है,
माँ- पिता ही मेरे जीवन का सम्मान है ll
इसीलिए तो मैं कहता हूँ,
माता- पिता मेरा संसार है l
माँ मैं तेरी ही बनावट हूँ,
पिता के हर सपनों का अरमान हूँ l
क्या लिखूँ माँ- पिता जी तेरे बारे में,
तुम ही मेरी असली पहचान है ll
इसीलिए तो मैं कहता हूँ,
माता- पिता मेरा संसार है l
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम
(माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी, म. प्र.













