
विषय- मालवा के संत
विधा- कविता
धन्य है मालवा की माटी,
जहाँ जन्में संत कबीर l
जिनकी काव्य प्रेरणा से,
नित्य सदा बहते रहे ज्ञान और नीर ll
मीरा के जैसे प्रेमिका,
करती ईश्वर को भी अपने अधीर l
धन्य हुई मालवा की धरती,
जहाँ जन्में अनेको वीर ll
धरती यहाँ की सोना उगले,
अम्बर बरसाए नीर l
संत कबीर, सिंगाजी, और मीरा,
सब हो गये ईश्वर के अधीर ll
सत्य, अहिंसा और करुणा का,
यहाँ बजता है डंका l
हर एक संत का हृदय,
होता है नित्य चंगा ll
आओ मिलकर गाएँ ,
मालवा के संतों का हम गुणगान l
जिनके कविता व साहित्य रचना से,
मिलता सच्चा सभी को ज्ञान ll
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी, ब्लॉक कुरई,
जिला सिवनी म. प्र.













