
हम हो जाएं शिवमय, यही है जीवन की गरिमा
हे शिव शंभू, मेरे हृदय को शिवमय बना दो
मेरे मन को मंदिर बना दो
ईर्ष्या , लोभ,माता, मोह और अहंकार मन से मिटा दो
प्रेम, दया ,भाव का मेरे मन में अलग जगा दो
अपनी भक्ति की भावना से मेरे मन को उज्ज्वल बना दो
हे जटाधारी, सत्यम शिवम सुंदरम तुम ही हो
मेरे मन को आलोकित कर दो
मेरे जीवन की गरिमा बढ़ा दो
हे त्रिपुरारी, आपकी इच्छा भी मेरी आंखों में बस जाए, ऐसी ही कृपा करना
अपने जाता के गंगाजल से मुझे पावन निर्मल कर दो
हे प्रलयंकारी एकादश अवतार रुद्र हैं
आप
सबका दुःख हरते हैं आप
आपकी महिमा है प्रचंड
आदिकाल से सृष्टि में हैं मगन
आप हो दु:खियों के प्रति दीनदयाला
सारा जग झूमता मेरे भोले के डमरू के डम डम ताल से
हे त्रिकालदर्शी, अनंत आप चेतना के कर्णधार हो
मेरे चेतना की नैया पार लगा दो
मेरा जीवन सफल हो जाए यही है आपसे मेरी प्रार्थना
स्वीकार करो है शिव शंभू अनंता
हम जानें शिवमय की महिमा
शिवमय है परोपकारी जीवन
कण-कण में हैं शिव विराजमान
डॉ मीना कुमारी परिहार













