
तपती दुपहरी में छाया नही मिलती
घोंसला बनाने को जगह नही मिलती
हम सोच रहे हैं अब किस ठौर जाएं
दुनिया हमारा दुखडा नही सुनती
कूलर एसी के छोर नजर नही आते
स्पिल्ट एसी ने हमारा ठिकाना छीना
बाजरा गेंहूं का नही मिल रहा खाना
इमारत खडी की भूमि कीटों को छीना।
गोवर्धन थपलियाल













