
आओ ज्ञान का दीप जलाएं,
भेदभाव छोड़कर मन से
सबको दिल से गले लगाएं
आओ ज्ञान का दीप जलाएं..
ना कोई छोटा ना कोई बड़ा,
यह बात सबको समझाएं |
कदम मिलाकर हम यारों,
सत्य राह सबको दिखलाए..
जात – पात की दीवारो से,
हम सभी आजाद हो जाएं|
एक दूजे को सम्मान देकर,
मानव होने का फर्ज निभाएं|
एक बगिया के फूल है हम,
इस गुलिस्ता की शान बढ़ाएं
राष्ट्र हित की बात करें हम,
भारत का हम मान बढ़ाएं |
आओ ज्ञान का दीप जलाएं ..
कवि राजेंद्र कुमार वर्मा
कोटा राजस्थान











