
स्वतंत्र भारत हमारा है,
ये जीवन कितना प्यारा है,
भारत के कण- कण में,
मातृभूमि का नाम है,
करना देश की रक्षा,
हर लोगों का काम है,
स्वतंत्र भारत हमारा है,
ये जीवन कितना प्यारा है।
भारत देश में गूंज रहा,
राष्ट्रीयता का गान है,
भारत में सबकी होती सम्मान हैं,
भारत मां की कितनी शान है,
स्वतंत भारत हमारा है,
ये जीवन कितना प्यारा है।
मातृभूमि ममता मई मां है,
सबको समेट लेती है,
मां के आंचल में सबको,
कितनी दुलार मिलती है,
स्वतंत्र भारत हमारा है,
ये जीवन कितना प्यारा है।
हमारे देश मे संस्कृति है,
भारत की बदल गई आकृति हैं,
हर जमी हमारा हिंदुस्तान है,
भारत हि हम सबकी जान है,
स्वतंत्र भारत हमारा है,
ये जीवन कितना प्यारा है।
वीरों ने गंवाए प्राण अपने,
पूर्ण किए देश के सारे सपने,
वो देश के रहने वाले,
कहलाए देश के रखवाले,
चांद सितारों के जैसे न्यारा है,
स्वतंत्र भारत हमारा है,
ये जीवन कितना प्यारा है।
नलिनी शैलेन्द्र दास
सरायपाली छत्तीसगढ़












