
हे अर्जुन आजा तुझे दिखा दूं मैं अपना रूप कायानात सा
भय न करना डरना न तूं देखकर रूप मेरा कायानात सा
हे अर्जुन आजा तुझे दिखा दूं मैं अपना रूप कायानात सा
भय न करना डरना न तूं देखकर रूप मेरा कायानात सा
मैं ही धर्मों में धर्मात्मा और मैं ही हूँ दिन रात सा
मैं ही हूँ ज्ञानि अज्ञानी और मैं ही हूँ छोटी बात सा
सोचना न तूं विचार न तूं देखकर रूप मेरा धूप सा
हे अर्जुन आजा तुझे दिखा दूं मैं अपना रूप कायानात सा
मैं ही श्री सर सागर हूँ और में मैं ही श्री हरि विष्णु हूँ
मैं ही हिमालय पर हे अर्जुन मैं ही देव महादेव हूँ
मैं ही नर हूँ और नारयण और मैं ही हूँ आदिनाथ सा
हे अर्जुन आजा तुझे दिखा दूं मैं अपना रूप कायानात सा
मेरा रूप अनेक है अर्जुन और अनेकों में भी एक है
जिस रूप में तुम देखोगे हमको हम तो वही रूप है
देवों में सब देव हूँ मैं और मैं ही हूँ स्वर्ग पाताल सा
हे अर्जुन आजा तुझे दिखा दूं मैं अपना रूप कायानात सा
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार












