
साक्षरता से जीवन में, ज्ञान का उजियारा आता है,
पढ़ा-लिखा हर व्यक्ति समाज को आगे बढ़ाता है।
शिक्षा से सोच बदलती है, अंधविश्वास मिट जाता है,
सही-गलत की पहचान से, मानव जागरूक बन जाता है।
पढ़ी-लिखी माँ अपने बच्चों को, शिक्षा का पाठ पढ़ाती है,
ज्ञान की रोशनी से घर-घर, नई उम्मीद जगाती है।
साक्षर होकर लोग अपने, अधिकारों को जानें,
कर्तव्यों को समझें और, देशहित में काम करें।
गरीबी से लड़ने की, शिक्षा शक्ति बन जाती है,
मेहनत और हुनर से जीवन में, खुशहाली आती है।
बेटा हो या बेटी सबको, शिक्षा का अधिकार मिले,
समान अवसर पाकर हर कोई, आगे बढ़ने का अवसर मिले।
साक्षर समाज में भेदभाव की, दीवारें कम हो जाती हैं,
आपसी प्रेम और भाईचारे की, भावनाएँ बढ़ जाती हैं।
स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा का, ज्ञान सभी को मिलता है,
जागरूक समाज से देश का, हर सपना पूरा होता है।
आओ मिलकर दीप जलाएँ, शिक्षा घर-घर पहुँचाएँ,
साक्षर भारत, मजबूत समाज का, सुंदर सपना सजाएँ।
ज्ञान से जागे जन-जन, सशक्त बने हर इंसान,
साक्षरता से खुशहाल बने, अपना देश महान।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर , बिहार













