Uncategorized
Trending

दिया के बाती

जलती है बाती, छोटी सी जान,
अंधेरे से लड़े, बुझे ना सम्मान।
तेल की बूंदें, उसकी सांसें गिनें,
फिर भी वो हंसती, रोशनी बिखरे दिनें।

कभी हवा का झोंका, उसे डराए,
कभी अंधेरा गहरा, उसे घेर जाए।
पर बाती डटती, ना हार माने,
जीवन की लौ में, बस जलती जाए।

नन्हा सा दीया, सिखाए जीना,
छोटी सी उमर में, बड़ा सबक दीना।
हर कदम पर मुश्किल, फिर भी मुस्कान,
जीवन है संघर्ष, यही उसका गान।

जल-जल कर मिटे, पर रोशनी दे जाए,
हर दिल में उजाला, वो बिखर जाए।
दिया के बाती का, यही है संदेश,
जीवन है अनमोल, जिए हर पल विशेष।

रचनाकार – कौशल हरनारायण कुर्रे

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *