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एक पुरानी तस्वीर

शीर्षक- यादो की तस्वीर
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम

ढुंढता हूँ जिस आनंद को,
मिलता है वो तुम्हारी तस्वीर मे l
ना जाने किस जगह मे हो तुम,
जो तुमसे मिल नही सकता हूँ ll

लगाते हैं लोग मुखौटे अपने चेहरों पर,
पर तुमने ऐसा कभी नहीं किया l
कितनी सुन्दर है तस्वीर तुम्हारी,
जो सबको याद आती रही ll

बड़ी सुहानी है तस्वीर तुम्हारी,
जो याद आती रही l
चाहता हूँ तुमसे दूर जाना,
मगर ओ तस्वीर रोज याद आती रही ll

ये तस्वीर मेरी जीने की वजह है,
जो औरो को समझ नहीं आयेगी l
ये तस्वीर के सहारे मे जिंदा हूँ,
जो हमे जिंदगी भर याद आयेगी ll

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