
आज नहीं तो कल होगा |
हर मुश्किल का हल होगा ||
लें धीरज से काम सदा |
अपना अगला पल होगा ||
आज नहीं तो कल होगा |
दुविधा में तुम मत रहना |
बात साफ अपनी कहना ||
रखें चरित्र सदा ऊँचा |
यह जीवन का है गहना ||
तब यह जन्म सफल होगा |
आज नहीं तो कल होगा |
होगी जितनी गहराई |
तभी दिखेगी सच्चाई ||
सच के मोती निकलेंगे |
हाथ लगेगी अच्छाई ||
निर्मल अन्तस्तल m होगा |
आज नहीं तो कल होगा ||
दृढ़ता से आगे बढ़ना
साहस का संबल रखना ||
मंजिल होगी मुट्ठी में |
तुम पुरुषार्थ सदा करना ||
निर्बल हृदय सबल होगा |
आज नहीं तो कल होगा ||
चिंतन की धारा गंगा।
तन-मन स्वस्थ भला चंगा।
होगा तब संतोष तुम्हें |
जीवन होगा सतरंगा।
कर्म नहीं निष्फल होगा |
आज नहीं तो कल होगा ||
हर मुश्किल का हल होगा |
संतोष नेमा “संतोष”













