
जय श्रीरामा जय श्री रामा,
पवन पुत्र जपते श्री रामा ॥
अज़र अमर अतुलित बल धामा,
करिये सब प्रकार प्रभु पूरन कामा
दिन रात जपे जय जय श्री रामा,
भजिये महाबीर रामभक्त हनुमाना।
जय श्रीरामा…
अष्ट सिद्धि नव निधि दाता तुम,
अंजनिपुत्र पवनसुत भक्त हम,
रूद्र अवतार तेज़ पुंज बलवाना
दिन निशि भजते जो श्री रामा।
जय श्रीरामा….
बल बुद्धि विद्या देने वाले,
भक्तन के दुःख हरने वाले,
राम प्रभू सेवक रुचि राखी,
हृदय बसत रघुवर सुर साखी।
जय श्रीरामा….
चरण शरण दीजै हनुमाना,
सब सुख दायक श्री अभिरामा,
चरणों में बसत, करत भय मुक्त,
राम अनंतनाम,अति शक्तियुक्त।
जय श्रीरामा….
श्री हनुमान अवतरण गावत,
आदित्य नितप्रति तुमहि भजत,
कर दीजै सब पूरन कामा,
जय श्रीरामा, जय श्रीरामा,
पवन पुत्र जपते श्री रामा॥
जय श्री रामा, जय श्रीरामा॥
डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र
‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
लखनऊ












