
अतुलित बल शाली, बज्र लाल देह धारी,
केशरी के लाल मातु अंजना के प्यारे है।
जगती के त्राण हेतु, रुद्र अवतार लियो,
बीर हनुमान वायु देव के दुलारे हैं।।
भूत, प्रेत, दुष्ट, दैत्य, दानवों के लिए काल,
भक्त प्रतिपाल, संतसज्जनों को तारे हैं । अजर,अमर,ध्यानज्ञानगुणनिधिवान,
हृदय में हमेशा राम जानकी को धारे है ।।
डा शिव शरण श्रीवास्तव “अमल “












