
एक हवा का झोंका बनकर तुम आए,, ।
दे गए अपनी खुशबूं
हर दम महकते रहने को।।
देख गए अपनी मीठी यादें,
फिर कभी ना भूल पाने को,,,
एक हवा का झोंका बनकर तुम आए,,, 1
तुम आए ये ही क्या कम है,,
दें गये तुम अपनी आहट
हरदम याद आने को,,।।
एक हवा का झोंका बनकर तुम आए,,
तेरे आने की आहट मुझे हर वक्त होती है ,
, कभी खुशबूं से,
, कभी नूर से,,,,
तो कभी आंसुओं से,
इजहारे मोहब्बत होती है,,,
दे गये अपनी खुशबूं,
हरदम महकते रहने को,,।।
एक हवा का झोंका बनकर तुम आए,,,
राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर, मध्य प्रदेश











