
जिंदा में नृत्य करना एक कला
इसलिए साधना करना है भला
इससे स्वास्थ बनता है निर्मला
और मन में खुश पैदा होता विला।
आत्म नियंत्रण होता है नृत्य से
आत्म विश्वास बनता है नृत्य से
मनोबल की शक्ति बढ़ा है नृत्य से
उत्साह से तन मन होता है नृत्य से।
नाच करने से रोगों दूर होता है
इससे मन निर्मल रूप बनता है
विविध प्रकार के नाच करता है
वे जनता को आकर्षित होता है।
हमारी संस्कृति की शोभा बढ़ती है
इसे नाच कला की कीर्ति बढ़ती है
नाच करना एक भाग्यवान होता है
इससे विश्व में श्रेष्ठ कलाकार बनता है।
श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश











