
चल आजा रे बेवफा तेरी बेवफ़ाई का आज कुछ किस्सा लिख रहा हूँ
कुछ अपने हिस्से का कुछ तुम्हारे हिस्से का आज किस्सा लिख रहा हूँ
आंखों में आंसू और दिल में जो दर्द है तेरी दी हुई तौफा बड़ा बेदर्द है
तौफा में तुने धड़कन बिमारी दिया है चारों तरफ से लाचारी दिया है
कोई न अपना पराया छोड़ा है हर किसिसे रिश्ता तुमने तोड़ बाया है
किसको बताएं हम किसको न बताएं देख कितना मजबूर तेरा मर्द है
जान जान कह के तुने तो जान ले लिया है बड़ी बेदर्दी से खून मेरा कर दिया है
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से













