
चेहरे पर जो मुस्कान नहीं,
वो अब इमोजी बन जाती है,
दिल की हर अनकही धड़कन,
स्क्रीन पर आकर मुस्काती है।
कभी 😊 बनकर हँस देती है,
कभी 😢 बन आँसू बहाती है,
कभी ❤️ बन प्रेम लुटाती,
कभी 🙏 बन श्रद्धा जताती है।
पर याद रहे, ये रंग-बिरंगे
चेहरे केवल संकेत हैं,
सच्चे रिश्तों की गर्माहट तो
स्पर्श, संवेदना और प्रेम में निहित है।
इमोजी हँसी दिखा सकते हैं,
पर दर्द कहाँ पढ़ पाते हैं?
दिल की खामोश धड़कनों को
शब्द ही अक्सर समझ पाते हैं।
इमोजी यही सिखाता है—
भाव चाहे किसी भी रूप में हों,
यदि उनमें प्रेम, अपनापन और सच्चाई हो,
तो हर चेहरा एक सुंदर इमोजी बन जाता है। 🌼
डॉ रुपाली गर्ग
मुंबई महाराष्ट्र













