
समझ सके कभी तो, वक्त को समझो
मौका है यही अच्छा ,समझने का
नासमझ यदि बने, समझ से
—-तो खा जाओगे एकदम जगत में धोखा। ।
समझ-समझ मे होता है, बहूत ही फेरे
जो समझा, समझो लो नही है वो। अधूरे
यदि समझ को समझ ना पाये तो, हो गये ढेर
बाद में समझने मे हो जायेगा ,बहुत देर
अतः मिटाये अपनी समझ से आपसी बैर
खुशी खुशी से करे जिंदगी की सैर
समझ समझ कर रखें कदम
अच्छे समझ को सदा करे नमन ।
समयानुसार ही आते हैं सबो को समझ
फायदा भी खूब देता है अच्छी समझ
जो समझ को अभी आप गलत रहे समझ
लेकिन वो गलत समझ नही, है सही समझ ।
तत्काल कुछ समझ नही पाते हैं समझ
लेकिन बाद में बढ़ जाती है अपने से ही समझ
अतः मन के समझ को शांत रखें
थोड़ी ठंडे दिमाग से समझ को समझे ।
फिर सबकुछ आ जायेगा समझ ,
भविष्य बनाने में लगा दिजियेगा समझ
चुन्नू कवि धे पहले बहुत ही नासमझ
लेकिन हालात ने अब, उसे। भी दे दिया है अच्छी समझ ।
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड













