
प्रकृति सुरभित हो गई देख काम कमान
रति भी ललचा रही देने को मधु रसपान
उत्साह उमंग से भरे हुये निकल पडे मदन
नियति हर्षित हो बहा रही मकरंद पवन
पक्षी कलरव करें कुहुकी कोयल वन उपवन
धरती पर पीली चादर बिछी उभर गया यौवन।
गोवर्धन थपलियाल

प्रकृति सुरभित हो गई देख काम कमान
रति भी ललचा रही देने को मधु रसपान
उत्साह उमंग से भरे हुये निकल पडे मदन
नियति हर्षित हो बहा रही मकरंद पवन
पक्षी कलरव करें कुहुकी कोयल वन उपवन
धरती पर पीली चादर बिछी उभर गया यौवन।
गोवर्धन थपलियाल
డీజే స్వర ధ్వనుల డెందము భక్తికి నిదర్శనమౌనే
अंतर्राष्ट्रीय बिटिया दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
बेटियों की मुस्कान से महका कल्पकथा का साहित्यिक आँगन, 266वीं काव्यगोष्ठी में गूँजा बेटी के सम्मान का स्वर
प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा का मथुरा में दिव्यता पूर्ण भव्य हिंदी सम्मेलन संपन्न
मथुरा में गूंजा राष्ट्रभाषा और राष्ट्रप्रेम का स्वर, देशभर के साहित्यकारों ने किया मंथन
थोड़ा-थोड़ा आसमान
रंग जमाना पड़ता है
संस्कारों की अमिट विरासत
शहीद-ए -आजम सरदार भगत सिंह जी की 119वी जयंती
दुनिया बदल गई है …….