
वर्ष 1999 के मई माह में पाकिस्तान ने कारगिल में ऊंची पहाड़ियों पर अपने सैनिक बैठा दिए थे। वह ऊपर से भारतीय सैनिकों पर गोलाबारी कर रहे थे। इसमें सैकड़ो भारतीय सैनिक जांबाज सैनिक शहीद हुए। मैंने उनके घरों से पत्र व्यवहार किया। उनके यहां स्वयं जाकर विवरण लिए और एक पुस्तक लिखी “थामलो तिरंगा”। यह पुस्तक काफी चर्चित हुई। ऑपरेशन विजय के अंतर्गत भारत ने पाकिस्तान पर विजय पाई थी। इन जांबाज सैनिकों को भारत सरकार ने विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया था। उन में कोटा के वीर चक्र विजेता अजय आहूजा जी की शहादत का भी मैंने जिक्र किया है। यह सब विवरण इस पुस्तक में दिया गया है। मुझे भारतेंदु समिति ने वर्ष 2003 में साहित्य श्री से सम्मानित किया था। राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी जी ने महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में सिल्वर मेडल से अलंकृत किया था। मित्रो 26 जुलाई को कारगिल दिवस है। इस अवसर पर भारतीय को विजय दिलाने के लिए मैं सेना एवं उसके जांवाज सैनिकों को सलाम करता हूं। अभिनंदन करता हूं। हमारी आगे की पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेकर देश के रक्षा के लिए आगे आती रहेंगी – इंजी रघुराज सिंह कर्मयोगी कोटा।













