
दिल को दिल से शुक्रिया अदा किया करो,
करो तुम कुछ भी मगर पुराने दोस्तों को याद भी कर लिया करो ,
कोई बैठा है उम्मीद लगाए कि दिल हल्का करेंगे किस से ,
मेरे चाहने वाला तो दूर न जाने कहां रहता है।
कोई बैठा है आस लिए कि कोई बदलीं आएगी और बरसेगी मेरे भी खेत में,
कोई विकल्प में होता है तो कोई विश्वास में
बैठकर किसी के इंतजार में।
वो आ जाए तो
वो चाहता है कि लोग सहम जाए कि उसका दोस्त आ गया है
उसके आने से
ये जमीं फूल बरसाए ,
और हवाएं खुश्बू लहराएं ,
गगन से अमृत बरखा हो,
हर तरफ संगीत गुंजन करता हो
कि हर कोई कहे कि यह मेहमान कैसा आया है।
जो इतना मोसम बदला बदला है,
आज मन मंगल गाए,
खुशियां शोर मचाएं,
आंगन में खेले रंगोलियां,
सब कहे कि यहां कौन आया है।।
मैं झुम के नाचूं और गाऊं सबसे कहुं जोर जोर से कि
मेरे घर पर सूरज आया, अंधेरा मिटाकर धुप और सुगंध लाया है,,
दिल के आंगन में क्या नया रंग छाया है,,
जिंदगी में मुद्दत के बाद अब कहिं जीने का मजा आया है।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)













