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मिसाइल मैन

रामेश्वरम् की पावन धरती पर, जन्म लिया महान,
ज्ञान, तपस्या, कर्म से पाया, जग में ऊँचा मान।

सादा जीवन, उच्च विचारों का, जग को दिया संदेश,
मेहनत, साहस, सत्य-पथी बन, बढ़ाया भारत-देश।

विज्ञानों के दिव्य गगन में, चमका उनका नाम,
“मिसाइल मैन” कहकर जग ने, किया उन्हें प्रणाम।

अग्नि, पृथ्वी, आकाश जैसी, शक्ति मिली पहचान,
आत्मनिर्भर भारत का फिर, बढ़ा नया सम्मान।

राष्ट्रपति बन जन-जन के वे, प्रिय जननायक कहलाए,
युवा शक्ति में स्वप्न जगाकर, नव उत्साह जगाए।

शिक्षा को सबसे बड़ा धन, हर पल उन्होंने माना,
ज्ञान, चरित्र और कर्मयोग का, पावन मंत्र सिखाना।

बच्चों के वे सच्चे मित्र थे, सरल हृदय निष्काम,
भारत रत्न से हुआ विभूषित, अमर रहेगा नाम।

ऐसे युगद्रष्टा महापुरुष को, शत-शत मेरा नमन,
कलाम प्रेरणा-पुंज रहेंगे, जब तक धड़कें प्राण।

सपनों को सच करने का, सबको दिया विधान,
“सपने वे जो जगते देखें”—था उनका अभियान।

कर्म, विनय, विज्ञान, राष्ट्रहित, जीवन रहा महान,
युग-युग तक आलोकित रहेगा, डॉ. कलाम का नाम।


डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार

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