
मुझे फक्र है कि मैंने कलाम साहब के साथ राॅकेट लॉन्चिंग सेंटर थुंबा त्रिवेंद्रम में भेंट की थी
मिसाइल मैन
राष्ट्र रत्न कलाम
वंदन एंव अभिनंदन है
राष्ट्र करे जिन्हें सलाम
विश्व गाए गाथा जिनकी वे हैं ए.पी.जे.अब्दुलकलाम
जन्म१५/अक्तूबर १९३१
तमिलनाडु रामेश्वर धाम
जैनुलाबदीन और आशियम्मा
के पुत्र का बहुत बड़ा है नाम
बचपन बीता गुरबत मे
किये छोटे-मोटे काम
बरसों बेचते रहे अखबार
सुबह से लेकर देर शाम
गीता अध्ययन और ज्ञान
मूल मंत्र निष्काम काम
“कर्मण्येवाधिकारस्ते
मां फलेषु कदाचन”को
करते रहे रोज प्रणाम
सर्वे भवंतु सुखिना
सर्व धर्म सदभावम
गुरु विक्रम सारा भाई
का मिसाइल पराक्रम
अमेरिका के नासा तर्ज़
निर्मित नाइक ए राकेटम
उनमें किए कई परीक्षण
पोखरण में परमाणु बम
आप लेखक थे बड़े महान
अग्निपंख पुस्तक का नाम
स्वामी विवेकानंद प्रेरणा से रचा
मेरी आत्मानुभूति और अध्यात्म
२७ जुलाई २०२५ को जुदाई
भारत के लोगों की आंखें थीं नम
विश्व ने दी श्रद्धांजलि
रामेश्वर में किया विश्राम
मौलिक अप्रकाशित
राम वल्लभ गुप्त “इंदौरी













