
गुरु कृपा है दमदार,
बाकी सब है बेकार।
सद्गुरु को बनाओ आधार,
गुरु देव का मिलता रहे आशीर्वाद।
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर
चढ़ाते रहो सद् कर्मों का प्रसाद।
सद्गुरु के चरणों में कर दो
यह जीवन रूपी फूल समर्पित।
आओ सद्गुरु के चरणों में शीश नवाकर गाएं गीत
अंधकार से उजाले तक ले जाने वाले,
ऐसे गुरु को शत-शत प्रणाम हमारे।
माँ की ममता, पिता का अनुशासन,
सब गुरु में ही दिखता है।
गुरु बिना ज्ञान नहीं,
ज्ञान बिना जीवन नहीं बनता।
आओ गुरु वंदना के गाएं गीत,
सेवा और समर्पण से बढ़ाएं प्रीत।
‘विद्रोही’ कहे सुनो ऐ इंसान,
गुरु चरणों की धूल ही है सबसे बड़ा तीर्थस्थान।
गुरु कृपा से कटे भव के बंधन,
गुरु कृपा से सजे जीवन का उपवन।
बोलो गुरु देव की जय
सद्गुरु के चरणों में कोटि-कोटि नमन
गोपाल जाटव ‘विद्रोही’ खड़ावदा_
तह. गरोठ, जिला मंदसौर, मध्यप्रदेश
सद्गुरु का सदा आशीर्वाद बना रहे
आदेश आदेश
बम बम भोले













