नव भारत वार्ता द्वारा देशभर के साहित्यकारों को “साहित्य वारिधि सम्मान” से सम्मानित

हैदराबाद। प्रतिष्ठित डिजिटल समाचार पत्र “नव भारत वार्ता” द्वारा जुलाई माह में प्रकाशित उत्कृष्ट साहित्यिक रचनाओं के आधार पर देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित साहित्यकारों को “नव भारत वार्ता साहित्य वारिधि सम्मान” से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नव भारत वार्ता के संस्थापक डॉ. गुंडाल विजय कुमार ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर है। नव भारत वार्ता का उद्देश्य नवोदित एवं वरिष्ठ साहित्यकारों को एक समान मंच प्रदान कर उनकी रचनात्मक प्रतिभा का सम्मान करना तथा हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार को नई ऊर्जा देना है।
इस सम्मान से सम्मानित साहित्यकारों में प्रमुख रूप से—
- डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्रा ‘आदित्य’ – लखनऊ, उत्तर प्रदेश
- डॉ. सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’ – बिहार
- शीलू जौहरी – भरूच, गुजरात
- डॉ. मीना कुमारी परिहार – राजस्थान
- पवनेश जी – कल्प कथा साहित्य परिवार
- डॉ. भगवान दास शर्मा ‘प्रशांत’ – इटावा, उत्तर प्रदेश
- डॉ. कृष्णकांत भट्ट – बेंगलुरु, कर्नाटक
- सुनीता बोपचे – मध्य प्रदेश
- मंजू अशोक राजाभोज – भंडारा, महाराष्ट्र
- नंदकिशोर गौतम – जिला सिवनी, मध्य प्रदेश
- डॉ. रुपाली गर्ग – मुंबई, महाराष्ट्र
इन सभी साहित्यकारों को उनकी साहित्यिक सक्रियता, उत्कृष्ट रचनाधर्मिता, हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति समर्पण तथा समाज में सकारात्मक वैचारिक योगदान के लिए “नव भारत वार्ता साहित्य वारिधि सम्मान” से अलंकृत किया गया।
डॉ. गुंडाल विजय कुमार ने सभी सम्मानित साहित्यकारों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी लेखनी समाज में सकारात्मक परिवर्तन, राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों तथा मानवीय संवेदनाओं को और अधिक सशक्त बनाती रहे। उन्होंने देशभर के रचनाकारों से नव भारत वार्ता से जुड़कर अपनी मौलिक एवं गुणवत्तापूर्ण रचनाएँ भेजने का भी आह्वान किया।
जारीकर्ता
डॉ. गुंडाल विजय कुमार
संस्थापक
नव भारत वार्ता – डिजिटल समाचार पत्र













