
मुश्किलों में दुआ दोस्ती।
है सलीके वफ़ा दोस्ती।
इक चमन की ख़ुशी के लिए,
है तरन्नुम हवा दोस्ती।
मंज़िले जो रही बेखबर,
उन सभी का पता दोस्ती।
रंज़ो ग़म में ख़ुशी की तरह,
है दिलों की सदा दोस्ती।
यार की यार के वास्ते,
इक हसीं इल्तिज़ा दोस्ती।
ज़िंदगी के सफ़र में कोई,
साथ जैसे ख़ुदा दोस्ती।
— नवीन माथुर पंचोली












