
हर हर शिव शिव बोलों हरे हरे चढा है सावन चलों शिव के द्वारे।
हर हर शिव शिव बोलों हरे हरे कांवड़ सज़ा के चलों शिव के द्वारे।।
बड़ी भीड़ लगी है बाबा के द्वारे फिर जल कैसे चढ़ाएंगे खड़े खड़े।
हर हर शिव शिव बोलों हरे हरे कांवड़ सज़ा के चलों शिव के द्वारे।।
डाक बम से आया है बाबा कोई बोलबम से आया हैं।
लेकिन भोले बाबा तेरे द्वारे आज हर कोई आया है।।
हर हर शिव शिव बोलों हरे हरे सावन बरसे चलों शिव के द्वारे।
हर हर शिव शिव बोलों हरे हरे कांवड़ सज़ा के चलों शिव द्वारे।।
पीठ पर कोई लाया है बाबा कांवड़ उठा के कोई लाया है।
गंगा जल हे बाबा बड़ी मन्नत से हर कोई लाएं हैं।।
हर हर शिव शिव बोलों हरे हरे हर कोई आया है द्वार तेरे।
हर हर शिव शिव बोलों हरे हरे कांवड़ सज़ा के चलो शिव के द्वारे।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,










