
आजमां कर देख लो,
गर दिल गवाह दे तो,
आवाज़ लगा कर देख लो,
गर साथ हवा दे तो। ।
मैं वहां वहां आ पहुंचा हुं ,
जहां जहां तुम ने पुकारा,
मुझ पर विश्वास अगर हो तो ,
अपना बना कर देख लो।
हम हैं मिलें पहले
भी कई कई बार,
इन हवाओं से पुछ लो।
जो तुम रुकते और मुड़ कर देखा होता मुझे,
मैं तुम्हारे इंतजार में पीछे पीछे चल रहा हूं
कभी कभी आंखों को बंद कर मुझे देख लो,
कई जन्मों का प्यार है हमारा ,
इस जन्म में भी मुझे
निभा कर देख लो
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)













