
मुझे शक्ति दो,हे महादेव
खुद मे खुद को लड़ने की
जीतना है अब मुझे,खुद मे कि
हारने लगा हूँ, अब मै,,
मुझे शक्ति दो,हे महादेव
अंधेरा गहरा है,राह मे
काँटे बिछे, है पग पग मे
भय समाया है,मन मै
क्या करूँ अब,,मै??
मुझे शक्ति दो,हे महादेव
काम,क्रोध हावी हुआ है
लोभ ,मोह,मे जकडा है
मद,अहंकार मे आ गया हूँ
फंस गया हूँ अब,मै
मुझे शक्ति दो,हे महादेव
भूलना लगा हूँ अब,तुझे भी
रिश्ते,कुटुम्ब,परिजन को भी
शिष्टाचार भी क्षुण्ण हुआ है
कैसे ये सब बचाए,अब मै
मुझे शक्ति दो,हे महादेव
धरा मे आने का उद्देश्य भूला
अपनो को रूलाया,और छला
खुद के सुख के वास्ते
कुछ न देखा अब,मै
मुझे शक्ति दो हे महादेव
कहे कुल मिलाकर एक बात तो
इन सब बुराईयों से,निजात दो
सबका भला हो,ऐसी ज्ञान दो
ताकि,सही हो सकूं अब मै
मुझे शक्ति दो,हे महादेव
अपनी शरण मे ले लो मुझे
सानिध्य आपका पाकर धन्य हो जाऊं
ऐसा आशा रखता हूँ अब मै
कृप्या मेरी प्रार्थना स्वीकारो,महादेव
त्रिनेत्र अपना,उन्मेष करो अब
माया जाल से अब,मुझे करो मुक्त
समर्पिर होना चाहता हूँ अब,मै
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड













