Uncategorized
Trending

गुरू पुर्णिमा विशेष़

गुरु ज्ञान का दीप जलातै।
गुरु ज्ञान का दीप जलाता,
जीवन मे उजियारा करता।
अज्ञानता को दूर है करता,
भव सागर से हमे पार लगाता।।

हरि की राह गुरु बतलाते,
गुरु जीवन के सारथी बनते।
हमारी डुबती नैया पार लगाते,
ज्ञान का हमे अमृत पिलाते।।

सुर्य सा नित शौर्य देते,
चँदा सा प्रकाश फैलाते।
सितारों सा जीवों से मिलन बताते,
प्रेम से करते रहो मिलाप।।

जो मुक्ति का हमे द्वार बताये,
निद्रा से जो हमको जगाये।
जिनके चरणो मे सारे तीर्थ,
उनकी चरण रज़ हम शीष़ लगाये।।

बार बार हम वंदन करते,
उनकी आज्ञा का हम पालन करते।
जो मानव कल्याण की राह दिखाते,
चरणो मे उनके शीष़ झुकाते।।


मुन्ना राम मेघवाल।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *