स्व० परम श्रद्धेय राज किशोर रस्तोगी जी का श्रद्धांजलि दिवस कार्यक्रम एवं कवयित्री वैशाली रस्तोगी की दो पुस्तकों ( कलम मेरी पहचान और पल्लव ) का लोकार्पण

स्व० परम श्रद्धेय राज किशोर रस्तोगी जी का श्रद्धांजलि दिवस कार्यक्रम एवं कवयित्री वैशाली रस्तोगी की दो पुस्तकों ( कलम मेरी पहचान और पल्लव ) का लोकार्पण सहित एक भव्य काव्य सम्मेलन धूमधाम से सेक्टर के अलीगंज लखनऊ में कवि आद० प्रेम नारायण महरोत्रा की अध्यक्षता में धूमधाम से सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का सफल संचालन हास्य कवि अरविन्द रस्तोगी धवल ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी काव्य मनीषियों ने क्रमानुसार (माॅं वीणा पाणी की प्रतिमा एवं श्रद्धेय राज किशोर के चित्र ) पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्री गणेश किया। साथ ही कवि गिरीराज शर्मा “ठेठ मलिहाबादी” ने अपने शब्दों में माता का शब्दार्चन करके महोल को और भी मनुहारी बना दिया। आपके बाद गायक विवेक रस्तोगी ने हनुमत भजन की शानदार प्रस्तुति दी।
तदोपरांत अध्यक्ष सहित कार्यक्रम में आमन्त्रित सभी काव्य विभूतियों का अंगवस्त्र सहित सम्मान सम्पन्न हुआ। सम्मान उपरांत कवयित्री वैशाली रस्तोगी की दोनों पुस्तकों का लोकार्पण कार्य सम्पन्न हुआ साथ ही लेखिका ने दोनों पुस्तको की विशेषता बताते हुए अपने विस्तृत व्यक्त किए।
तदोपरांत कवि सम्मेलन की प्रथम आहूति कवयित्री विभा त्रिपाठी द्वारा पिता आधारित रचना पढ़! सभी को भावुक कर दिया। आपके बाद अवधेश कुमार बेचैन हमीरपुर ने हास्य कविताएं पढ़ स्रोताओं को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। आपके बाद बाराबंकी की कवयित्री सुधा सिंह ने श्रृंगार पढ़कर सबका मन जीत लिया। फिर ठेठ मलिहाबादी ने बेटी पर सुन्दर रचना पढ़ी। आपके बाद वरिष्ठ कवि प्रेम नारायण महरोत्रा ने हनुमत पर आधारित अपने मुक्तक पढ़ माहौल को भक्ति रस से ओतप्रोत कर दिया। तदुपरान्त कार्यक्रम आयोजिका कवयित्री वैशाली रस्तोगी ने शानदार काव्य प्रस्तुतियां दी। आपके बाद कवि अरविन्द रस्तोगी धवल ने हास्य के कुछ दोहे और आध्यात्मिक गीत पढ सबको भाव विभोर कर दिया। फिर वरिष्ठ कवि एवं गजलकार डाॅ० हिमांशु सक्सेना अर्श लखनवी ” ने हिन्दुस्तान एवं रक्षाबंधन को परिभाषित करती शानदार ग़ज़लें और आलंकारिक दोहे पढ़ श्रोताओं की वाहवाही सहित तालिया बटोरी। आपके बाद कवि आनंद रस्तोगी ने शानदार बाल गीत पढ़ा। आपके बाद अरविंद पाठक ने हास्य व्यंग पढ़ सभी को हंसने पर मजबूर कर दिया। अनंत: कार्यक्रम संयोजक विमर्श रस्तोगी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन देकर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।













