
आज मेहमान हो तुम यहां पर हमारे।
एहसान आपका तुम यहां पर पधारें।।
मस्तक पर तुम्हारे करते हम तिलक,
आने से तुम्हारे दूर हुई हमारी झिझक,
देखो तो बज रहें दिल में हमारे नगारे।
बार-बार देखें तुमको मयूर मन हर्षाए,
कैसी चली प्यारी मदहोश पवन हवाएं,
महकी है कुटिया हमारी महके नज़ारे।
आपका बेसब्री से था हमको इंतजार,
आप यहां पधारे आपको हमसे प्यार,
अनंत खुशियों से सज गए हमारे द्वारें।
हमारे बुलाने पर आप यहां पर आए,
हमें पता है तुम कितनी खुशियां लाए,
बन गए हो हमारी आंखों के प्यारे तारे।
स्वरचित और मौलिक गीत
सर्वाधिकार सुरक्षित
सुनील कुमार खुराना
नकुड़ सहारनपुर उत्तर प्रदेश












