अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सुश्री माधुरी करसाल को मिला अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक रत्न सम्मान

लुंबिनी , 5 अक्टूबर (ब्यूरो रिपोर्ट)।
शिक्षण को एक सहयोगी पेशे के रूप में पुनर्निर्धारित करें मूल नारे के साथ आज विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर मनाया गया। नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य छत्तीसगढ़ जिला रायगढ़ की ख्याति प्राप्त कवयित्री/साहित्यकार तथा शिक्षिका सुश्री माधुरी करसाल जी को साहित्य सृजन तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक रत्न मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया है। शिक्षिका माधुरी करसाल की कई रचनाएं देश विदेश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है, साहित्य सृजन तथा शिक्षा विकास के लिए उत्कृष्ट कार्य हेतु दर्जनों प्रतिष्ठित सम्मान पुरस्कार भी मिल चुके हैं। आज आयोजित की गई इस अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस कविता प्रतियोगिता में 2143 रचनाकारों की सहभागिता रही थी जिसमें उत्कृष्ट कविता के आधार पर 260 रचनाकारों को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक रत्न मानद उपाधि सम्मान तथा अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा मित्र सम्मान एवं विश्व काव्य रत्न मानद उपाधि सम्मान से प्रशस्ति पत्र सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया है। कवयित्री माधुरी करसाल ,छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिला, विकास खंड तमनार के आ.जा.क.शासकीय प्राथमिक विद्यालय -छिंदभौना में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। इन्हें सम्मानित करते हुए संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा – शब्द प्रतिभा द्वारा आयोजित आयोजनों में महिला प्रतिभाओं की सहभागिता पचास प्रतिशत रही है। माधुरी जी जैसी नारियां आज अपनी बहुमुखी प्रतिभा के बल पर देश विदेश में नाम रोशन कर रही है। संस्था बहुक्षेत्रीय प्रतिभाओं को निस्वार्थ भाव से प्रोत्साहित करती आई है। संस्था की ईमानदारिता और लगनशीलता से आज विश्व के एक दर्जन से अधिक देशों में माधुरी जी अपनी पहचान बनाने में सफल रही है।













