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ठेकमा में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 15 दिवसीय व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण के साथ रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय।

आजमगढ़ जिले के ठेकमा विकास खंड में स्वयं सहायता समूह (एस.एच.जी) की 30 महिलाओं ने ब्लॉक मिशन प्रबंधक डॉ. अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में 15 दिवसीय व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस प्रशिक्षण का समापन न केवल एक उपलब्धि है, बल्कि यह उन महिलाओं के लिए एक नई शुरुआत है, जो आत्मविश्वास और कौशल के बल पर समाज और देश के विकास में योगदान देने को तैयार हैं।

इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझा। उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, और समय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। इसके अलावा, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए आवश्यक दृष्टिकोण और रणनीतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं ने न केवल अपने व्यक्तिगत विकास के लिए नए आयाम खोजे, बल्कि यह भी सीखा कि वे अपने समुदाय और देश के लिए कैसे उपयोगी हो सकती हैं।

डॉ. अभिषेक कुमार ने ठेकमा विकास खंड में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक उत्थान के लिए अथक प्रयास किए हैं। उनकी संवेदनशीलता और समर्पण ने इस क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाया है। उनके नेतृत्व में अब तक हजारों महिलाओं को विभिन्न कौशल-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त बनाया गया है। इन प्रयासों का परिणाम है कि सैकड़ों महिलाएं आज उद्यमी बन चुकी हैं और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से अग्रसर हैं। चाहे वह छोटे पैमाने पर उद्यम शुरू करना हो या स्वरोजगार के नए अवसर तलाशना, इन महिलाओं ने अपनी मेहनत और प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल के दम पर सफलता की नई कहानियां लिखी हैं।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित रहा, बल्कि इसने महिलाओं को समाज में अपनी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करने का अवसर भी प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने न केवल अपने आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि यह भी सीखा कि वे अपने परिवार, समुदाय और समाज के लिए एक प्रेरणा बन सकती हैं। इस तरह के आयोजन ठेकमा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, जहां संसाधनों और अवसरों की कमी के बावजूद महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प और प्रशिक्षण के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

डॉ. अभिषेक कुमार का कहना है कि यह प्रशिक्षण केवल एक शुरुआत है। भविष्य में भी इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकें। ठेकमा विकास खंड में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य है, बल्कि उन्हें सामाजिक और बौद्धिक रूप से भी प्रगति के पथ पर ले जाना है।

ठेकमा में आयोजित इस 15 दिवसीय व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा दी है। डॉ. अभिषेक कुमार के नेतृत्व में यह पहल ग्रामीण भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण है। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं के व्यक्तित्व को निखारने में सफल रहा, बल्कि उनकी आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में एक ठोस कदम भी साबित हुआ। ऐसी पहलें निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं को उनके सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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