
अबकी सतरंगी मन हुआ होली में
इंद्रधनुषी मन हुआ होली में
मस्ती है छाई होली में
प्रीत का रंग चढ़ा होली में
रंगों का त्यौहार है होली
लाल ,पीला, हरा ,गुलाबी
लेकर हाथों में गुलाल
दोस्तों संग खूब खेलें
ना रहे कोई मलाल
दही बड़ा, मालपुआ गुजिया का गजब स्वाद
होली है भाई होली है बुरा ना मानो होली है
हर ओर गुलाल बिखेरती
आओ मिलकर प्यार भरी रंगोली सजाएं
एक दूसरे को प्यार से गले लगाएं
देखो बच्चों, बूढ़ों की टोली है निकली
धूम मची है गली-गली
भंग ठंडई की है बात निराली
पीकर झूमें सब नर- नारी
रंगों से भरा यह पावन त्यौहार
खुशियां बरसे हर घर द्वार
होली आती हमारे पुराने दिनों की याद कराती
रंगों से हम सबको सराबोर करती
नए सलवार नई कुर्तियां, नई चुन्नी
हाथों में चूड़ी पीली, बिंदी जैसे चमकते सितारे
नए पजामे नई जूतियां, खुशियों से मन भरे
होली एक त्यौहार नहीं, एकता का प्रतीक है
हिंदू , मुस्लिम ,सिख, ईसाई
सभी हैं भाई-भाई
आओ गले लगा कर प्रेम से इसे मनाएं
डॉ मीना कुमारी परिहार










