
रंगों से ये धरा ,फूलों से सजा है हर डगर
रंगों की मिठी फुहार लेकर
आई खुशियों की सुंदर लहर।
रंगों की चुनर ओढ़े अम्बर
सतरंगी सुंदर संसार
खुशियों से झूमे हर कोई
मिट जाए मन का विकार।
नाचे पवन मस्ती में झूम
प्रकृति गाए मधुर तराना
रंगों की प्यारी त्योहार में
बांटे प्रेम का मधुर खजाना।
आशा की किरण चमके गगन में
हर दिल में प्रेम हो
मिलजुलकर रंगीली त्योहार मनाए
सबके जीवन में भरा क्षेम हो।
अनिता महेश पाणिग्राही
सरायपाली छत्तीसगढ़










